पुराने कार्ड पर भी ले सकेंगे अनाज
एक साथ 20 राज्यों में शुरू हुई राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी की सेवा
दिल्ली : 20 राज्य सहित केंद्र शासित प्रदेशों में वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना (One Nation, One Ration Card) की पोर्टेबिलिटी सेवा 1 जून से शुरू हो गई है।
इस योजना के तहत किसी भी राज्य का व्यक्ति कहीं से भी राशन ले सकता है। नई स्कीम के तहत कुछ विशेष नियमों को जोड़ा गया है। इससे सबसे ज्यादा लाभ लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान पलायन करने वाले कामगारों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को मिलेगा। इससे उन्हें किफायती दाम पर अनाज मिल सकेगा। तो कैसे लें इस योजना का लाभ और कौन-सी बातें आपके लिए है जरूरी, आइए जानते हैं।
लाभार्थीयों की होगी PoS से पहचान....
इस योजना के तहत लाभार्थियों की पहचान उनके आधार कार्ड पर इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (PoS) डिवाइस से के जरिए होगी। वहीं राशन की दुकानों पर पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी। जैसे-जैसे राज्य पीडीएस दुकानों पर 100 फीसदी पीओएस मशीन लगाए जाने की रिपोर्ट देंगे। तभी उन्हें 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' योजना में शामिल कर लिया जाएगा।
मिलेगा 5 किलो चावल, प्रति व्यक्ति लिए....
राशन कार्ड धारकों को बेहद किफायती दाम में अनाज मुहैया कराया जाएगा। लोगों को 5 किलो चावल 3 रुपए किलो की दर से और गेहूं 2 रुपए किलो की दर प्रति व्यक्ति दिया जाएगा। भारत का कोई भी नागरिक इस राशन कार्ड के लिए अप्लाई कर सकता है। 18 साल से कम उम्र के बच्चों उनके माता-पिता के राशन कार्ड में जोड़ा जाएगा।
राशन कार्ड कैसे बनवाएं....
आनलाइन राशन कार्ड बनवाने के लिए अपने राज्य के खाद्य और रसद विभाग के ऑफिशियल वेबसाइट को खोलें। इसमें आपको अपनी भाषा का चुनाव करना होगा। इसके बाद कुछ पर्सनल जानकारी जैसे डिस्ट्रिक का नाम, क्षेत्र का नाम, कस्बा, ग्राम पंचायत के बारे में भरना होगा। इसके बाद कार्ड का प्रकार (APL/BPL/Antodaya) चुनें। इसके बाद आगे की प्रक्रिया में परिवार के मुखिया का नाम, आधार कार्ड नंबर, वोटर आईटी, बैंक खाता नंबर, मोबाइल नंबर आदि भरें। अंत में आपको सबमिट बटन पर क्लिक करना होगा, साथ ही इसका प्रिंट आउट अपने पास रख लें। जब राशन की दुकान में आपका नाम आ जाएगा तो इसी प्रिंट आउट से आपका राशन कार्ड बन जाएगा।
पुराने राशन कार्ड को नहीं पड़ेगा बदलना....
इस योजना के लागू लागू होने पर देश के किसी भी हिस्से में राशन लिया जा सकेगा। पुराने राशन कार्ड धारकों को इसके लिए अपने पुराने राशन कार्ड को सरेंडर नहीं करना होगा और न ही नए जगह पर राशन कार्ड बनवाना पड़ेगा। वहीं नए ग्रहाकों को राशन कार्ड दो भाषाओं में बनवाने की सुविधा मिलेगी। आप चाहे तो इसे अपने स्थानीय भाषा में बनवाएं या दूसरी भाषा हिन्दी अथवा अंग्रेजी का इस्तेमाल करें।
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